He Shiv Bhole Bhandari Main Aaya Sharn Tihaari

He Shiv Bhole Bhandari Main Aaya Sharn Tihaari

हे शिव भोले भंडारी मैं आया शरण तिहारी,
मेरे शिव भोले भंडारी,

भागम भर तेरे अंग पर सोहे हाथ में तिरशूल भारी,
भूत पीताश नीच करे संग में नाचे दे दे ताली,
मेरे शिव भोले भंडारी…

डम डम डमरू बजाये नंदी की सवारी,
विष को पी कर शन में शिव ने देवो की विपदा ताली,
मेरे शिव भोले भंडारी…

उमा रमन शम्भू त्रिपुरारी भव भये बंजन हारी,
इस विरले दानी की महिमा गावे सब नर नारी,
मेरे शिव भोले भंडारी,

दामोदर की विनती यही है काटो विपदा हमारी,
कष्ट मिटा जग के तुम करदो घर घर में खुशहाली,
मेरे शिव भोले भंडारी |

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