Jab Sath Hai Tere Shyam Dhani Lyrics

Jab Sath Hai Tere Shyam Dhani Lyrics

दर दर क्यों मांगता फिरता है जब सेठ संवारा साथ में है
अब उड़ के आसमा छु ले तू तेरी डोर श्याम के हाथ में है
जब साथ है तेरे श्याम धनि फिर मन क्यों तेरा गबराता है,

श्याम का दामन थाम लिया तो किसी बात का क्या डर है
तेरी हर जिमेवारी श्याम धनि के उपर है
भाई सखा या पिता समज तू ये सब का भरत निभाता है
जब साथ है तेरे श्याम धनि फिर मन क्यों तेरा गबराता है,

रख विश्वाश तू अपने मन में बदले गा तकदीर तेरी
फसा है तू ऐसी उल्जन में काटेगा जंजीर तेरी
कड़ी धुप में चलने वाला शाव श्याम दर पाता है
जब साथ है तेरे श्याम धनि फिर मन क्यों तेरा गबराता है,

बाह पकड़ ले सेठ श्याम की कभी न ठोकर खायेगा
जीवन के पथरीले पथ से पल पल श्याम बचाएगा
हो जाता है श्याम उसी का श्याम का जो बन जाता है
जब साथ है तेरे श्याम धनि फिर मन क्यों तेरा गबराता है

Jab Sath Hai Tere Shyam Dhani Lyrics

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